भगवान विरसा के आदर्शों पर चलने की ली गई शपथ
खोरीमहुआ (गिरिडीह)
झारखंड स्थापना दिवस के मौके पर खोरिमहुआ अनुमंडल प्रशासन द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई ।
खोरीमहुआ अनुमंडल पदाधिकारी मनोज कुमार एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मुकेश कुमार महतो ने अपने अपने कार्यालय में कार्यकम आयोजित कर भगवान बिरसा मुंडा के द्वारा किए गए कार्यों को याद कर उनके द्वारा बताए गए सुविचारों को अपने जीवन में उतारने की शपथ ली । इस दौरान क्षेत्र के सभी थाना प्रभारी तथा अनुमंडल में कार्यरत कर्मियों ने भी भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्प अर्पित की।
एसडीएम मनोज कुमार ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के अदम्य साहस समर्पण एवं बलिदान से हमें प्रेरणा लेना चाहिए तथा समाज के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी का निर्वाह करना चाहिए हमें उनके आदर्शों पर चलना चाहिए ।
एसडीपीओ मुकेश महतों ने कहा कि झारखंड की कोख ने कई अनगिनत सपूतों को जन्म दिया जिन्होंने आजादी और अपनी धरती की रक्षा के लिए प्राणों की आहूति तक दे दी। अंग्रेजी शासक इन क्रांतिकारियों के शौर्य से कांपती थी। ये क्रांतिकारी भले ही कम उम्र में ही देश के लिए न्योछावर हो गए लेकिन उन्होंने आजादी और आदिवासियों के हक के लिए जो मशाल जलाई वह युगों-युगों तक रोशन होती रहेगी उन्ही में से एक हैं महानायक भगवान बिरसा मुंडा थे । अंग्रेजों के विरूद्ध आंदोलन के लिए भी उन्होंने आदिवासियों को प्रेरित किया। बिरसा मुंडा प्रगतिशील चिंतक और एक सुधारवादी नेता रहे। उन्होंने अपने समाज में व्याप्त अंधविश्वास, नशा और जीव हत्या के विरूद्ध मोर्चा खोलकर जन जागरण अभियान शुरु किया था। कहा की बिरसा ने अपने आंदोलन के कुछ सुधारवादी सूत्र विकसित किए और लोगों को समझाया कि जीव हत्या ठीक नहीं है बलि देना गलत है, सभी जीवों से हम प्रेम करें, उनके प्रति दया भाव रखें। उन्होंने आदिवासी समाज को शराब का सेवन करने से भी मना किया। बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज की एकता और संगठन पर आजीवन जोर दिया।
