संवेदक की लापरवाही की सजा पा रही है धनवार प्रखंड की जनता
धनवार (गिरिडीह)
धनवार प्रखंड मुख्यालय को गिरिडीह जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़क पर बने रेलवे ओवर ब्रिज के पास नाले का कचड़ायुक्त पानी जमा होने के कारण आम जनता को रेलवे लाइन पार कर आवागमन करना पड़ता है ।
मामला धनवार रेम्बा मुख्य मार्ग का है जहां प्रतिदिन हजारों लोग पैदल से लेकर दो पहिया चार पहिया के माध्यम से सफर करते हैं । यह मार्ग धनवार को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली कम दूरी की सड़क होनी के साथ साथ दर्जनों गांव को धनवार प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने का कार्य करती है। धनवार प्रखंड में संचालित दर्जनों सरकारी एवं निजी विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थी इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं । इस मार्ग पर रेलवे विभाग द्वारा बनवाया गया ओवर ब्रिज के निर्माण के दौरान संवेदक द्वारा काफी मनमानी बरते जाने के कारण जैसे तैसे पुल का निर्माण करवा दिया गया तथा गांव एवं अन्यत्र से बहकर आने वाले पानी की निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं दी गई जिसके कारण इस ओवर ब्रिज के नीचे हल्की सी बारिश में भी घुटने तक कीचड़युक्त पानी का जमाव हो जाता है ।
हो चुके कई हादसे
इस ओवर ब्रिज में पानी जमा रहने के कारण आवागमन करने के दौरान लोग रेलवे लाइन को पार कर अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचते हैं । इस क्रम से ट्रेन की चपेट में आने से दो लोग अब तक अपनी जान गवां चुके हैं । आज से तीन दिन पूर्व बारामो ग्राम के 55 वर्षीय निवासी रियाज बेग जो गुंगाबके साथ बहरा भी था की मौत इंटरसिटी की चपेट में आने से हो गई । बीते वर्ष भी बारिश के समय एक व्यक्ति की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हो चुकी है।
ब्रिज की बनावट की बात करें तो इसे इस प्रकार बनाया गया है कि आप जितना संभल कर चलें सामने वाले से कभी न कभी आपकी टक्कर अवश्य हो जायेगी।
घरों से निकलने वाला कचड़ा युक्त पानी का बहाव भी मुख्यमार्ग पर
धनवार से रेम्बा होकर गिरिडीह आने जाने वाले इस मार्ग में कई स्थान पर निवास करने वाले लोग अपने घरों का गन्दा पानी, कचड़ा मुख्यमार्ग पर ही निकाल देते हैँ, कई लोग मार्ग के बगल बने नालियों के ऊपर अतिक्रमण कर नाली को बंद कर दिए हैँ जिसका खामियाजा इस मार्ग से होकर गुजरने वाले राहगीरों को उठाना पड़ता है। इस मार्ग से स्थानीय मुखिया,जनप्रतिनिधि समेत कई प्रशासनिक अधिकारी गुजरते हैँ परन्तु उन्हें आम जनता को होने वाली इस परेशानी से शायद कोई लेना देना नहीं है।
क्या कहते हैं ग्रामीण
इस बाबत नावाडीह निवासी गोविंद साव बताते हैं कि रेलवे ब्रिज बनाते समय संवेदक द्वारा काफी मनमानी की गई गई जिसका खामियाजा आज आम जनता को जान की कीमत पर चुकाना पड़ रहा है । पानी की निकासी नहीं होने के कारण यहां हल्की सी भी बारिश में घुटना भर पानी जमा हो जाता है ।
स्थानीय निवासी श्रवन कुमार साव बताते हैं कि धनवार जाने के लिए दर्जनों गांव के लोगों को इसी मार्ग से जाना पड़ता है वैसे तो ओवर ब्रिज के नीचे हमेशा गंदा पानी जमा रहता है परंतु बारिश के समय यहीं कीचड़ से सना हुआ पानी जमा हो जाता है जिसके कारण ब्रिज के ऊपर बने रेलवे लाइन को पारकर लोग आवागमन करते हैं ।
छात्रा सुप्रिया कुमारी बताती है कि वह धनवार में पढ़ती है ये बताती है कि विद्यालय जाने के लिए उनलोगों को रेलवे ब्रिज होकर जाना पड़ता है लेकिन वहां पर गांव की नाली से बहकर आने वाला कचड़ा युक्त पानी जमा हो जाता है जिसे पार कर जाने में भारी परेशानी होती है। बारिश के समय में तो हालत यह हो जाता है कि वहां घुटना तक कीचड़ युक्त पानी जमा हो जाता है जिससे बचने के लिए वे रेलवे लाइन को पारकर दूसरे तरफ जाना पड़ता है ।
रेम्बा निवासी विशाल कुमार बताते हैं कि उनका हमेशा राजधनवार आना जाना लगा रहता है और इस मार्ग से हजारों लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं परंतु धनवार जाने के लिए मार्ग में बना ओवर ब्रिज पार करना जान को जोखिम में डालने से कम नहीं है।
ग्रामीणों ने उपायुक्त गिरिडीह पर विश्वास जताते हुए कहा कि वे इस समस्या का निदान करवाने की दिशा में पहल करेंगे तो इस समस्या के कारण भविष्य में किसी के साथ कोई बड़ा हादसा न होगा ।
