दो साल से खराब पड़ा चापाकल, 25 परिवार पानी की किल्लत से जूझ रहे
गिरिडीह जिले के धनवार प्रखंड के सिरामडीह पंचायत के उपरैली प्रधानडीह टोला महुआ टांड़ के निवासी बीते दो वर्षों से पानी की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं। गांव में मौजूद एकमात्र चापाकल की केसिंग फट जाने के कारण वह पूरी तरह से बंद हो गया है। इस वजह से करीब 25 परिवारों को पीने के साफ पानी के लिए दूर स्थित कुएं पर निर्भर रहना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार, उस कुएं का पानी गंदा और दूषित है, जिसे पीने की मजबूरी के कारण बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ रही है।
गांव के लोगों ने कई बार दी सूचना, पर अब तक नहीं मिला समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले इस समस्या की जानकारी स्थानीय मुखिया साबरा खातून को दी थी। पहले व्हाट्सएप के जरिए शिकायत की गई थी और फिर मौखिक रूप से भी सूचना दी गई। मुखिया ने जल्द ही चापाकल की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने तीन महीने पहले भी इस समस्या की याद दिलाई, लेकिन उन्हें फिर से सिर्फ आश्वासन ही मिला।
बुजुर्ग और महिलाएं कर रहे संघर्ष, गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
गांव के बुजुर्गों और महिलाओं को पानी लाने के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। कुछ परिवार कपड़े धोने के लिए भी कुएं के गंदे पानी का उपयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर घर नल जल योजना के तहत जो सुविधा उन्हें मिलनी चाहिए थी, वह अब तक नहीं मिली है। गिरजा कुमार मिर्घा, राहुल कुमार साव, कामदेव पासवान, नरेश तुरी समेत दर्जनों ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए कई बार प्रशासन और मुखिया से गुहार लगाई, लेकिन अब तक उनकी समस्या को अनसुना किया जा रहा है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया गया आवेदन, उग्र आंदोलन की चेतावनी
परेशान ग्रामीणों ने इस बार प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को आवेदन देकर चापाकल की मरम्मत कराने और पानी की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा है कि यदि प्रशासन द्वारा जल्द से जल्द चापाकल की मरम्मत नहीं कराई गई और पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि इसकी जवाबदेही प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी।
क्या कहते हैं स्थानीय मुखिया?
इस संबंध में स्थानीय मुखिया साबरा खातून ने बताया कि उक्त चापाकल का बोरिंग धंस गया है, जिसके कारण चापाकल से पानी आना बंद हो गया है। उन्होंने कहा कि हर घर नल जल योजना के तहत क्षेत्र में पाइप बिछाया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा।
ग्रामीणों की उम्मीद प्रशासन से
गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। बच्चों और बुजुर्गों के बीमार होने की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में ग्रामीणों ने प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है ताकि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो उन्हें मजबूरी में सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करना पड़ेगा।
(रिपोर्ट: पी के बरनवाल )
