14 वर्षीय बच्ची ने कांटों की चौकी पर लेटकर की माता की आराधना, देखने उमड़ी भीड़

खोरिमहुआ (गिरिडीह), PNA NEWS INDIA – भक्ति में शक्ति होती है, यह बात झारखंड के गिरिडीह जिले के धनवार प्रखंड के जपुआ गांव की एक 14 वर्षीय बच्ची सोनू कुमारी ने साबित कर दी है। नवरात्र के पावन अवसर पर सोनू ने कांटों की चौकी पर लेटकर माता की आराधना करने का कठिन संकल्प लिया है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आ रहे हैं।

कांटों पर लेटकर कर रही कठिन तपस्या

नवरात्र के दौरान भक्त अलग-अलग तरीके से माता रानी की आराधना करते हैं, लेकिन सोनू कुमारी की भक्ति देखकर हर कोई अचंभित है। उसने कांटों की बनी चौकी पर लेटकर 9 दिनों तक माता की आराधना करने का निर्णय लिया है। सोनू का कहना है कि यह उसकी श्रद्धा और आस्था का परिणाम है, जिसे वह पिछले चार वर्षों से निभा रही है।

श्रद्धालुओं की उमड़ रही भीड़

सोनू की इस अनोखी साधना को देखने के लिए स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ अन्य जिलों से भी लोग आ रहे हैं। श्रद्धालु इसे माता रानी का आशीर्वाद मान रहे हैं और बच्ची की भक्ति की सराहना कर रहे हैं। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने पहली बार इतनी छोटी उम्र की बच्ची को इस प्रकार कठिन तपस्या करते देखा है।

परिवार और गांववालों का समर्थन

सोनू के परिवार के सदस्य भी इस अनोखी भक्ति में उसके साथ हैं। माता-पिता का कहना है कि सोनू बचपन से ही माता रानी की अनन्य भक्त रही है और हर नवरात्र में वह कुछ नया संकल्प लेकर माता की आराधना करती है। गांव के लोग भी इस कार्य को आस्था और भक्ति का प्रतीक मानकर बच्ची का समर्थन कर रहे हैं।

क्या कहते हैं धार्मिक विशेषज्ञ?

धार्मिक गुरु और विद्वानों का मानना है कि भक्ति की कोई सीमा नहीं होती। जब मन में सच्ची श्रद्धा हो तो इंसान असंभव को भी संभव बना सकता है। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि ऐसी कठिन तपस्याओं में स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है।

आपका क्या कहना है?

क्या आपको लगता है कि भक्ति से चमत्कार हो सकते हैं? क्या आप भी कभी ऐसी कठिन तपस्या करने का संकल्प ले सकते हैं? नीचे कमेंट में अपनी राय जरूर दें और ऐसे ही अनोखी खबरों के लिए PNA NEWS INDIA को फॉलो करें।

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