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“एक पेड़ बेटी के नाम” अभियान में विशुनपुर विद्यालय ने फिर रचा कीर्तिमान — नवाचारों के जरिए बना राष्ट्रीय पहचान का केन्द्र

गिरिडीह/खोरिमहुआ /धनवार

धनवार प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, विशुनपुर ने एक बार फिर अपनी नवाचारी सोच, सामाजिक जागरूकता और पर्यावरणीय प्रतिबद्धता के जरिए मिसाल पेश की है। शनिवार, 28 जून 2025 को विद्यालय परिसर में “एक पेड़ बेटी के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसे बैगलेस डे के साथ जोड़ा गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बेटियों के सम्मान के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की भावना को बच्चों और समाज में जागृत करना रहा।

यह कार्यक्रम विद्यालय प्रबंधन और सामाजिक परिवर्तन संस्थान, गिरिडीह के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इसमें विद्यालय की छात्राओं द्वारा आम, अमरूद, लीची, चीकू एवं घंटी फूल सहित दर्जनों फलदार एवं फूलदार पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर विद्यालय बाल संसद, इको क्लब, शिक्षकगण, विद्यालय प्रबंधन समिति, ग्रामीण अभिभावक और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

🌿 राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है विशुनपुर विद्यालय

प्रधानाध्यापक श्री वरुण राय ने जानकारी दी कि विशुनपुर विद्यालय विगत चार–पाँच वर्षों से निरंतर नवाचारी गतिविधियों के माध्यम से न सिर्फ शिक्षा बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जागरूकता के क्षेत्र में भी अग्रणी रहा है। इसी कारण यह विद्यालय आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है

विद्यालय में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ प्रकृति, संस्कृति और समाज से जोड़ने पर विशेष बल दिया जाता है। यही कारण है कि यहां हर साल अनेक नवाचार किए जाते हैं, जैसे—

  • बैगलेस डे का आयोजन
  • बाल संसद की सक्रियता
  • इको क्लब के माध्यम से जागरूकता अभियान
  • हर बच्चे को पौधे की जिम्मेदारी देना
  • विद्यालय परिसर को हरियाली से आच्छादित करना

🌱 पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का पाठ

इस विशेष कार्यक्रम के तहत प्रत्येक छात्र को किसी एक पौधे की देखरेख और सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय परिसर में इस समय लगभग 50 अमरूद के पेड़ पूरी तरह तैयार हैं और उनमें फल भी लगने लगे हैं। विद्यालय प्रबंधन का उद्देश्य है कि आने वाले समय में स्कूल परिसर एक लघु बागवानी केंद्र के रूप में विकसित हो, जिससे बच्चों को प्रकृति से सीखने का अवसर मिले।

👧 बेटियों के सम्मान को समर्पित पहल

एक पेड़ बेटी के नाम” जैसी पहल केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में बेटियों के सम्मान और अस्तित्व के समर्थन का प्रतीक बन रही है। विद्यालय की छात्राएं – सवा, सोनाक्षी, अर्पिता, साक्षी, रेहाना, रेशमी – और छात्र अमन कुमार, उत्तम तिवारी ने इस अभियान में न केवल पौधारोपण किया, बल्कि उसका उद्देश्य भी बखूबी समझाया।

शिक्षकों और समिति की सक्रिय सहभागिता

इस कार्यक्रम में समिति सदस्य ललित तिवारी, अध्यक्ष दिलीप कुमार, शिक्षकगण श्री आनंद मंडल, श्वेता कुमारी एवं संजय कुमार की उपस्थिति और मार्गदर्शन उल्लेखनीय रही। सभी ने बच्चों को पौधारोपण का महत्व समझाते हुए उसे दैनिक जीवन से जोड़ने की प्रेरणा दी।

🌏 ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु संकट पर संदेश

प्रधानाध्यापक श्री राय ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक संकटों से निपटने के लिए पौधारोपण एक सीधा, सशक्त और प्रभावशाली उपाय है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल किताबों तक शिक्षा को सीमित रखना नहीं है, बल्कि बच्चों में जिम्मेदारी, नेतृत्व और संवेदना जैसे गुणों का विकास करना है।

सामाजिक सराहना और प्रेरणा

इस प्रेरणादायक पहल की स्थानीय ग्रामीणों, अभिभावकों और शिक्षा विभाग द्वारा भूरी-भूरी प्रशंसा की गई। सभी ने यह माना कि “एक पेड़ बेटी के नाम” जैसी पहलें यदि जिले के सभी विद्यालयों में लागू की जाएं तो समाज में सकारात्मक बदलाव निश्चित है।

निष्कर्ष: शिक्षा के साथ संस्कार और सरोकार की पाठशाला बना विशुनपुर विद्यालय

विशुनपुर का उत्क्रमित मध्य विद्यालय आज केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि एक सामाजिक और पर्यावरणीय चेतना का केन्द्र बन चुका है। “एक पेड़ बेटी के नाम” जैसी पहलें यह प्रमाणित करती हैं कि जब शिक्षा में नवाचार और संवेदना जुड़ते हैं, तो परिणाम केवल परीक्षा के अंकों तक सीमित नहीं रहते — वे समाज और देश के भविष्य को नई दिशा देने लगते हैं।

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