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अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता, डीलर की मनमानी से तंग हो रही जेरुआडीह पंचायत की जनता

धनवार (गिरिडीह)
  ‘अपना काम बनता भांड में जाय जनता’ यह कथन धनवार प्रखंड के जेरुआडीह पंचायत में सत्य प्रतीत  हो रहा है । आलम यह है कि इस पंचायत के लोगों को त्योहार के अवसर पर भी जनवितरण प्रणाली की दुकान से अनाज नहीं मिल पा रहा है ।


   जेरुआडीह पंचायत के जनवितरण प्रणाली की दुकान पर  उपस्थित महिला और पुरुष लाभुक पॉस मशीन पर अपना अंगूठा लगाकर बिना अनाज लिए वापस जा रहे थे। पूछने पर लाभुकों ने बताया कि दुकानदार द्वारा हमेशा पूर्व में ही अंगूठा ले लिया जाता है और बाद में अनाज दिया जाता है। बताया कि बीते दो माह का अनाज भी उन्हें नहीं दिया गया है और अभी बताया गया कि चावल आया है गेहूं आएगा तो दोनो अनाज एक साथ उन्हें मिल जायेगा ।

   ग्रामीण की पीड़ा कोई सुनता नहीं है
जेरुआडीह ग्राम निवासी निवासी मुन्ना कुमार साव बताते हैं कि ग्रामीणों की समस्या कोई सुनता ही नहीं है ,डीलर द्वारा पहले अंगूठा लिया जाता है और बाद में अनाज दिया जाता है कभी कभी बीते माह का अनाज भी उन्हें नहीं मिल पाता है ।

लाभुक हरी साव बताते हैं कि डीलर द्वारा काफी मनमानी किया जाता है , अनाज भी कम दिया जाता है ।विरोध करने पर डीलर द्वारा बताया जाता है कि तो तुम्हारा राशन कट गया परंतु जब धनवार के ऑफिस जाने पर  बताया जाता है कि आपका अनाज नहीं कटा है । जब डीलर को इसकी जानकारी देते हैं तो उनके द्वारा बताया जाता है कि बीता हुआ महीना राशन कट गया था इस महीना में चालू हो गया ।


   महिलाएं जो मशीन पर अंगूठा लगा रही थी ने बताया कि डीलर बताते हैं कि अंगूठा नहीं लगाया जाता है तो सरकार अनाज देती ही नहीं है और राशन काट दिया जाता है ।लाभुकों ने यह भी बताया कि अंगूठा लगाए जाने के बाद उन्हें रसीद भी नहीं दिया जाता है ।

इस बाबत जविप्र संचालक गौरीशंकर पांडेय ने बताया कि सब लोग कहते हैं कि चावल और गेहूं एक साथ लेंगे इसलिए चावल का वितरण नहीं किया जा रहा है । गेहूं आने के बाद दोनो अनाज एक साथ वितरित कर दिया जायेगा । श्री पांडेय ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा लगाया गया आरोप गलत है ।

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