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झारखंड के प्रसिद्ध मंदिर अतिक्रमण कारियों के चंगुल में

  किसी भी धार्मिक स्थल तब तक सुरक्षित एवं श्रद्धालुओं का आशान्वित करता रहता है जब तक उसके परिसर में आने जाने वाले श्रद्धालुओं को कोई असुविधा नहीं हो साथ ही श्रद्धालु भक्तों के हृदय में वहां की सात्विक तस्वीर छप नहीं जाय । इसके लिए उसका परिसर साफ सुथरा होने के साथ साथ श्रद्धालुओं के आवागमन की सुविधा वहां विश्राम की सुविधा सुलभता के साथ उपलब्ध होना ही चाहिए । 

कहां का है मामला

  हम बात कर रहे हैं खोरीमहुआ अनुमंडल क्षेत्र के जग विख्यात भगवान भोलेनाथ मंदिर झारखंड धाम की जहां प्रत्येक सोमवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्त पहुंचकर बाबा का आशीर्वाद लेते हैं और भोलेनाथ अपने भक्तो की मनोकामना को भी पूर्ण करने में जरा भी परहेज नहीं करते बशर्ते श्रद्धालु पूरी भक्ति भाव से भोलेनाथ की प्रार्थना की हो । आज वहां अतिक्रमण करने वालों की बाढ़ सी आ गई है ।भले ही यह प्रक्रिया धीरे धीरे कई वर्षों में हुई हो परंतु उसके कारण आज वहां आने जाने वाले श्रद्धालुओं के मन में अलग सी टीस महसूस होते दिखाई पड़ता है । इस मंदिर परिसर में भगवान भोले नाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर कई नए जोड़े परिणय सूत्र में उनके आशीर्वाद से बंधे हैं और आज वे खुशी खुशी अपना जीवन यापन कर रहे हैं । इस प्रसिद्ध पर्यटन स्थल में बाहर से आए आगंतुकों के लिए कोई विशेष सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है । 

क्या कहते है प्रदेश उपाध्यक्ष

  इस बाबत राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो झारखंड के प्रदेश उपाध्यक्ष सिकंदर वर्मा ने खोरी महुआ अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर प्रसिद्ध पर्यटन स्थल झारखंड धाम मंदिर परिसर को अतिक्रमण अति शीघ्र मुक्त कराने ,मंदिर परिसर का सौंदरीकरण करने के साथ-साथ मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है ।उन्होंने अपने आवेदन में कहा है कि गिरिडीह जिला अंतर्गत जमुआ प्रखंड के हीरोडीह थाना स्थित झारखंड धाम जिसका खाता संख्या 13 प्लॉट संख्या 758 रकबा 14 . 20 डिसमिल है ,जो सर्वे खतियान में गैरमजरूआ आम है तथा उक्त जमीन महादेव हकीयत दर्ज किया गया है ।कॉलम में झारखंडी महादेव स्थान वर्णित है ,जिस पर वर्षों से मेला का आयोजन होता रहा है और बाउंड्री वॉल भी दिया गया है ।मंदिर परिसर में सैकड़ो व्यक्तियों द्वारा अवैध कब्जा कर निजी दुकान संचालित किया जा रहा है। जिसमें झारखंड धाम आने वाले श्रद्धालुओं के साथ आए दिन चोरी, छिनतई तथा यौनशोषण इत्यादि का मामला सामने आता रहा है ।वहीं पूजा पाठ में भी भारी परेशानी का सामना श्रद्धालु भक्तों को करना पड़ता है। इन अवैध दुकानों के संचालन से सरकार को भी आर्थिक राजस्व की क्षति हो रही है। पूर्व में भी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी  के द्वारा झारखंड धाम परिसर को अति शीघ्र मुक्त करने का नोटिस देकर सभी दुकानदार को परिसर खाली करने का आग्रह किया जा चुका है ।लेकिन आज तक इस पर किसी दुकानदारों द्वारा पहल नहीं किया गया ।

 उन्होंने परिसर खाली नहीं होने से मंदिर का सौन्दर्यकरण, श्रद्धालुओं को जल चढ़ाने , पूजा पाठ करने में कठिनाई न हो इसके लिए अति शीघ्र मंदिर परिसर की भूमि का पैमाईस कर परिसीमन करते हुए मंदिर के अंदर अवैध कब्जा धारी से मुक्त करवाया जाए। इसके साथ-साथ मंदिर परिसर से मुख्यालय तक कॉरिडोर की व्यवस्था , सोलर लाइट की व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था , पेयजलापूर्ति की व्यवस्था , नाली , शिव गंगा की सफाई, शिवगंगा के चारों तरफ वृक्षारोपण ,जगह-जगह पर शौचालय ,स्नानागार ,महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग धर्मशाला ,श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी ,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की समुचित व्यवस्था किया जाए ।कहा कि यहां प्रत्येक सोमवार और शिवरात्रि के मेले में हजारों हजार श्रद्धालु पहुंचते हैं ।

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