23 वर्षों से सत्ता का संचालन गठबंधन के आधार पर : डॉ रौशन
भारत में राज्यों की राजनीति ‘ झारखंड में गठबंधन सरकार के विशेष संदर्भ में ‘ महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा, महाराष्ट्र में 9-10 सितंबर को आयोजित भारतीय राजनीति विज्ञान परिषद के 60 वें अधिवेशन सह दो दिवसीय अंतराष्ट्रीय संगोष्ठी में आदर्श कॉलेज, राजधनवार के राजनीति विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ रोशन कुमार ने अपना शोध आलेख प्रस्तुत किया।
अपने व्याख्यान में डॉ रौशन ने कहा कि झारखंड के 81 विधानसभा सीटों वाली इस राज्य में अबतक चार आमचुनाव हो चुके हैं परंतु अबतक पूर्ण बहुमत का जनादेश किसी भी राजनीतिक दल को प्राप्त नहीं हुआ है फलस्वरूप आज 23 वर्षों से सत्ता का संचालन गठबंधन के आधार पर होते आ रहें है नहीं तो राष्ट्रपति शासन लगाएं गए हैं।इसलिए भारत के राज्यों की राजनीति में इस तरह के कई गम्भीर मुद्दे और समस्याए आयी हैं जिनपर चिंतन की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि संसदीय शासन प्रणाली में लोकतांत्रिक व्यवस्था की सफलता राजनीतिक दलों पर निर्भर करती है। राज्य स्तर पर रीजनल पार्टियों के उभरने से गठबंधन सरकार की स्थापना होने लगी। दलीय प्रणाली में आये इस बदलाव ने राजनीतिक व्यवस्था को प्रभावित करने लगा।गठबंधन सरकार स्थिरता प्रदान नहीं करती है यदि यह स्थिरता प्रदान करने में सफल हो जाती है तो जनता के मुद्दों को हल करने के लिए सरकार का सबसे अच्छा रूप भी हो सकती है।
इसमें झारखंड राज्य गठन के समय से ही गठबंधन सरकार की बुनियाद पर सरकार चलाई जाती रही हैं। अगर पूर्ण जनादेश प्राप्त सरकार बनती तो शायद राज्य का विकास और राजनीतिक परिदृश्य कुछ अलग रहता और स्वस्थ लोकतंत्र के लिए बेहतर साबित हो सकता है।
डॉ.कुमार विशेष रूप से अपने प्राचार्य प्रो. बिमल कुमार मिश्र को धन्यवाद देते है क्योंकि उन्होंने हमेशा उच्च शैक्षणिक गतिविधियों और शोध कार्य के लिए प्रेरित किए, मनोबल बढ़ाए हैं और पथ प्रदर्शक के साथ सहयोग भी करते रहें है।
